नम्र, सहयोगी, सहिष्णु, मिलनसार रहे और जीवन को आनंदमय बनाएं।

'गुरु जी का आश्रम' (शिवांश), नई दिल्ली (भारत) में छतरपुर मेट्रो से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित है, भाई के कहने पर मै एक बार उनके आश्रम में गया मुझे यहाँ पर एक अद्भुत शांति महसूस हुई, मैंने आज तक ढोंगी गुरु / बाबा को देखा है, और सभी ने लोगो को मुर्ख बना कर उनके विश्वास को तोडा है, लेकिन यहाँ आपको शांति महसूस होगी, एक बार आप यहाँ आकर गुरु जी के समाधी स्थल पर अपना माथा झुकाये और लंगर का प्रसाद ग्रहण करे और अपने आप को गुरु जी को समर्पण दिल से करे, फर्क महसूस करेंगे। - (वीरेंद्र कुमार गुप्ता.)

Subscribe to the email.

Posts
Atom
Posts
Comments
Atom
Comments

Thursday, July 6, 2017

Deepansha baby 30 months old.

Posted by Free unique tools for everyone at 1:11 AM
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

No comments:

Post a Comment

Newer Post Older Post Home
Subscribe to: Post Comments (Atom)

About Me

Free unique tools for everyone
View my complete profile

Blog Archive

Popular Posts

  • सत्साहस ..(Satsahs ..)
    सत्साहस सफलता की कुंजी तो है ही, जीवन विकास का जीवन मूल्य भी है। साहस और सत्साहस दो शब्द हैं। आमतौर पर सत्साहस को साहस (जिसका मायने नि...
  • HAPPY NEW YEAR 2018 TO ALL FRIENDS..

Total Pageviews

www.birendrathink.blogspot.in

Popular Posts

  • सत्साहस ..(Satsahs ..)
    सत्साहस सफलता की कुंजी तो है ही, जीवन विकास का जीवन मूल्य भी है। साहस और सत्साहस दो शब्द हैं। आमतौर पर सत्साहस को साहस (जिसका मायने नि...
  • HAPPY NEW YEAR 2018 TO ALL FRIENDS..
  • सच्चा पुण्य ..(True virtue..)
    संत एकनाथ महाराष्ट्र के विख्यात संत थे। वह स्वभाव से अत्यंत सरल और परोपकारी थे। एक दिन उनके मन में विचार आया कि प्रयाग पहुंचकर त्रिवेण...

Translate

Picture Window theme. Powered by Blogger.